Monday, December 8, 2008

मधुर डिप्रेशन


हर आदमी के अंदर
एक आस होती है ,
आनोखी सी प्यास होती है ,
जिसे वो पाना चाहता है ,
सारी दुनिया को
दिल मे बसाना चाहता है ,
ये उसका " मधुर इम्प्रेशन " है !
और
वो जो
छुटा सा रह गया ,
मिला नहीं,
तनहा कर गया ,
मिल नहीं रहा,
मिलेगा भी नहीं ,
उसका " डिप्रेशन" है !
और
खोने पाने की खेल में
दिल की चादर पर चढ़ गया ,
"मधुर डिप्रेशन" है !

मधुकर (मधुर)

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